यह कोई धरना या विरोध प्रदर्शन नहीं है, यह अभियान इस जागरुकता को फैलाने के लिए है, कि हमारी नदियां सूख रही हैं। हर वो इंसान जो पानी पीता है उसे इस नदी अभियान में अपना सहयोग देना होगा।
भारत की नदियां जबर्दस्त बदलाव से गुजर रही हैं। आबादी और विकास के दबाव के कारण हमारी बारहमासी नदियां मौसमी बन रही हैं। कई छोटी नदियां पहले ही गायब हो चुकी हैं। बाढ़ और सूखे की स्थिति बार-बार पैदा हो रही है क्योंकि नदियां मानसून के दौरान बेकाबू हो जाती हैं और बारिश का मौसम खत्म होने के बाद गायब हो जाती हैं।


नदी अभियान हमारी नदियों में फिर से जान फूंकने के लिए एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान है। सद्गुरु द्वारा सोचा और शुरू किया गया यह अभियान देश भर में समाज के हर वर्ग तक पहुंच गया है। मगर यह अभियान कामयाब तभी हो सकता है, अगर युवा वर्ग आगे बढ़कर इसकी अगुआई करे। और कला संदेश पहुंचाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। तो अपनी रचनात्मकता को जगाइए और देश तक अपनी बात पहुंचाइए कि हमारी नदियां किस संकट से गुजर रही हैं!